ई-सहकारी पर धान अधिप्राप्ति का आवेदन और फसल सहायता का आवेदन अलग हैं। पहले में किसान अपनी उपज बेचने के लिए पंजीकरण करता है; दूसरे में Bihar Rajya Fasal Sahayata Yojana के संबंधित मौसम की सहायता प्रक्रिया होती है। एक ही सरकारी वेबसाइट पर दोनों links होने से धान बेचने वाला form फसल नुकसान की सहायता का form नहीं बन जाता।
4 नवंबर 2026 की जाँच में ई-सहकारी homepage पर खरीफ 2026 के आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर दिखाई गई। खरीफ वाला प्रारंभिक form अभी खुल रहा है, लेकिन जाँचे गए स्रोतों में बाद की extension की पुष्टि नहीं हुई। इसलिए केवल Search box दिखने को नया आवेदन खुला होने का प्रमाण न मानें। पहले से आवेदन कर चुके किसान के लिए अगला काम अपना सही season, दस्तावेज वाला चरण और उपलब्ध payment-status route पहचानना है।
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वेबसाइट पर अपना काम पहले पहचानें
ई-सहकारी के आधिकारिक homepage पर किसान कार्नर (अधिप्राप्ति / अन्य) और किसान कार्नर (बिहार राज्य फसल सहायता) अलग हैं। सहायता की जानकारी के लिए दूसरा नाम पढ़ें। धान/गेहूँ अधिप्राप्ति की वर्तमान तारीख या FAQ में लिखा खरीद-भुगतान का समय इस योजना की भुगतान समय-सीमा नहीं है।
अब अपनी आवेदन प्रति सामने रखें। उस पर खरीफ या रबी, वर्ष, पावती/पंजीकरण संख्या और योजना का नाम देखें। इसके अनुसार जरूरत अलग होगी:
- पहली बार आवेदन करना है — उसी मौसम की वर्तमान अधिसूचना और आखिरी तारीख चाहिए। पुराने खुले form से नई पात्रता तय नहीं होगी।
- घोषणा पत्र या दस्तावेज पूरे करने हैं — अपने आवेदन वाले मौसम का declaration/upload link चाहिए।
- पंचायत की स्थिति जाननी है — season और financial year मिलाकर योग्य ग्राम पंचायतों की सूची देखें।
- राशि का पता करना है — ऐसा payment-status page चुनें जिसमें आपका वास्तविक season मौजूद हो।
Homepage के कुल आवेदन counters नामांकन का समेकित आँकड़ा हैं। उनमें संख्या बढ़ने या आपका जिला report में होने से व्यक्तिगत आवेदन स्वीकृत या खाते में भुगतान होना साबित नहीं होता।
₹20,000 हर आवेदन की तय राशि नहीं है
भारत सरकार के myScheme पर BRFSY के विवरण में सहायता को वास्तविक उपज दर और threshold yield यानी सीमा उपज दर के अंतर से जोड़ा गया है। वहाँ प्रदर्शित दो गणनाएँ इस प्रकार हैं:
- सीमा उपज की तुलना में वास्तविक उपज में 20% की कमी के वर्णन के साथ ₹7,500 प्रति हेक्टेयर, अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए ₹15,000 का उदाहरण है।
- 20% से अधिक की कमी के लिए ₹10,000 प्रति हेक्टेयर, अधिकतम दो हेक्टेयर पर ₹20,000 बताया गया है।
इसलिए ₹20,000 को हर किसान के लिए एक जैसी installment न मानें। केवल गणना समझने के लिए, यदि किसी मामले में ₹10,000 वाली दर और एक हेक्टेयर क्षेत्र स्वीकृत हो, तो उस दर से राशि ₹10,000 होगी; दो हेक्टेयर का अधिकतम उदाहरण ₹20,000 है। यह काल्पनिक गणना है, किसी किसान की स्वीकृति या भुगतान की गारंटी नहीं।
खेत देखकर अपना नुकसान-प्रतिशत लिख देना आधिकारिक उपज-ह्रास आकलन के बराबर नहीं है। योग्य पंचायत वाले सरकारी पेज पर भी फसल कटनी प्रयोग प्रतिवेदन के आधार पर ह्रास आकलन का उल्लेख है। अपने crop और अधिसूचित क्षेत्र पर लागू निर्णय विभाग से मिलाएँ।
myScheme के हिंदी और अंग्रेजी सारांश में पहली दर के लिए “20% की कमी” का वर्णन मिला। इसे अपनी ओर से हर छोटे नुकसान पर भुगतान या हर मामले में न्यूनतम 20% की सार्वभौमिक शर्त में न बदलें। अपने season की विस्तृत अधिसूचना में लागू ह्रास-श्रेणी की पुष्टि लें। यह सरकारी overview नए 2027 आवेदन या नई दर की घोषणा नहीं है।
जमीन अपनी न हो तो भी सही किसान श्रेणी देखें
सरकारी योजना विवरण और ई-सहकारी की registration report में तीन अलग श्रेणियाँ मिलती हैं:
- रैयत — अपनी जमीन पर खेती करने वाला किसान।
- गैर-रैयत — दूसरों की जमीन पर खेती करने वाला किसान।
- रैयत एवं गैर-रैयत दोनों — अपनी और दूसरों की जमीन पर खेती करने वाला किसान।
यानी केवल जमीन का मालिक न होना अपने-आप इस योजना से बाहर होने का प्रमाण नहीं है। साथ ही जमीन की ownership और वास्तविक खेती का विवरण सही श्रेणी में देना जरूरी है। सरकारी myScheme FAQ इसे बिहार निवासी किसानों की योजना बताता है; अपने मौसम की अन्य लागू शर्तें भी मिलाएँ।
कृषि विभाग की किसान पंजीकरण जानकारी, खेती/भूमि का वास्तविक विवरण, उपलब्ध स्वामित्व प्रमाण या राजस्व रसीद, बैंक रिकॉर्ड और संपर्क विवरण व्यवस्थित रखें। गैर-रैयत के लिए सही season का प्रतिहस्ताक्षरित स्व-घोषणा पत्र कहाँ और कैसे देना है, यह उसी समय के निर्धारित form और विभागीय निर्देश से जाँचें। पुराने दूसरे मौसम का affidavit बिना मिलान upload न करें।
myScheme overview में भी पुराने application links और 31 मार्च 2022 के बाद के भूमि दस्तावेज का उल्लेख मिला। इस पुरानी तारीख को खरीफ 2026 या अगले आवेदन का नया cutoff न मानें। इसी तरह हर online सूची में लिखा जाति, आय या निवास प्रमाणपत्र अनिवार्य मानकर जुटाने के बजाय अपने live form और वर्तमान notice की माँग देखें। Upload का file type/size उसी screen से पढ़ें; यहाँ किसी पुराने KB limit को नया नियम नहीं बनाया गया है।
खरीफ 2026 का form क्या दिखाता है
खरीफ 2026 के आधिकारिक आवेदन entry में शीर्षक बिहार राज्य फसल सहायता योजना हेतु आवेदन (खरीफ-2026) है। उसके पहले screen पर कृषि विभाग के किसान निबंधन संख्या और Search का विकल्प है। नीचे कृषि विभाग में किसान निबंधन अनिवार्य बताया गया है।

कभी नए season की आधिकारिक window खुले तो पहले यही तीन चीजें मिलाएँ—scheme का पूरा नाम, crop season/year और माँगी गई पहचान संख्या। जहाँ किसान निबंधन संख्या माँगी गई है, वहाँ बैंक खाता, Aadhaar या कोई पुरानी सहकारिता पावती अपने-आप उसका विकल्प नहीं है। किसान registration की जरूरत हो तो कृषि विभाग के आधिकारिक portal का संबंधित रास्ता लें।
नए आवेदन की अनुमति या extension के बिना पुराने form पर दोबारा registration बनाना समाधान नहीं है। पहले से आवेदन है तो उसकी प्रति और वास्तविक reference सुरक्षित रखें; application, दस्तावेज सत्यापन और भुगतान की जाँच अलग-अलग करनी होगी।
खरीफ 2025 का upload खरीफ 2026 का नहीं है
Homepage पर खरीफ-2025 के declaration download और document upload links भी हैं। जाँचे गए upload screen में season का विकल्प स्पष्ट रूप से खरीफ-2025 और पहचान कृषि विभाग पंजीकरण संख्या है। URL में 2526 देखकर उसे खरीफ 2026 का form न मानें।
दस्तावेज माँगे जाने पर अपनी पावती वाला season और portal का season मिलाएँ। वही वर्ष उपलब्ध न हो तो दूसरे साल का विकल्प चुनकर कागज न डालें। संबंधित प्रखंड/जिला सहकारिता कार्यालय से अपने आवेदन का सही upload route और वर्तमान निर्देश पूछें।
पंचायत सूची में क्या जाँचना है
योग्य ग्राम पंचायतों की आधिकारिक सूची का शीर्षक बताता है कि यह फसल कटनी प्रयोग प्रतिवेदन के आधार पर ह्रास आकलन से संबंधित सूची है। यह हर किसान के नाम और बैंक भुगतान की सूची नहीं है।
- Season में आवेदन के अनुसार खरीफ या रबी मिलाएँ।
- Financial Year का सही वर्ष चुनें। अपनी पावती की अवधि से मेल देखें, केवल आज का calendar year न चुनें।
- District Name और उपलब्ध Block Name चुनें। शुरुआती block विकल्प
---ALL---है। - View से उपलब्ध सूची देखें और अपने क्षेत्र तथा लागू crop की जानकारी को संबंधित विभागीय सूचना से मिलाएँ।

जाँच में इस screen के financial-year विकल्प 2025–2026 तक थे। इसलिए इसे बिना नई सूची की पुष्टि के खरीफ 2026 की अंतिम पात्र-पंचायत सूची न बताएँ। पंचायत पात्र हो तब भी किसान का आवेदन, सही श्रेणी/दस्तावेज और विभागीय सत्यापन अपने अलग चरण हैं।
Payment Status के दो सरकारी रास्ते हैं
सामान्य भुगतान-स्थिति page और homepage का भुगतान की स्थिति (2324) link एक ही season list नहीं दिखाते। 4 नवंबर की जाँच में यह अंतर मिला:
- सामान्य भुगतान स्थिति — खरीफ 2019 से रबी 2022–23 तक के विकल्प हैं। खरीफ 2025, रबी 2025–26 और खरीफ 2026 नहीं मिले।
- दूसरा status route — खरीफ 2024, खरीफ 2023 और रबी 2023–24 के विकल्प हैं। केवल menu में लिखे 2324 से पूरी सूची का अनुमान न लगाएँ।
पहले route में अपना सही season मिलने पर सहकारिता विभाग पावती संख्या या कृषि विभाग पंजीकरण संख्या वाला लागू विकल्प चुनें, सही संख्या भरें और भुगतान की स्थिति देखें का उपयोग करें। दोनों विभागों की संख्या अलग पहचान हैं; सही type चुनना जरूरी है।

दूसरे status route में संबंधित season और कृषि विभाग पंजीकरण संख्या के साथ Click for OTP दिखता है। अपनी वास्तविक जानकारी के साथ केवल अपने आवेदन की जाँच करें। अगले चरण के निर्देश उसी screen पर पढ़ें। केवल OTP का विकल्प दिखना भुगतान स्वीकृत होने का प्रमाण नहीं है।
अपना नया season नहीं दिख रहा तो क्या करें
मान लें आपकी पावती खरीफ 2026 की है, जबकि status screen में आखिरी विकल्प कोई पुराना रबी season है। यह उदाहरण केवल mismatch समझाने के लिए है। ऐसे में पुराना season चुनकर मिला खाली result आपके 2026 आवेदन का rejection नहीं बताता।
यह अगला काम करें:
- अपनी आवेदन प्रति से योजना, मौसम, वर्ष और reference दोबारा मिलाएँ। उपलब्ध print link भी उसी season का होना चाहिए।
- प्रखंड/जिला सहकारिता कार्यालय से पूछें कि इस cohort का सत्यापन या payment status किस वर्तमान रास्ते से मिलेगा। केवल “पैसा नहीं आया” के बजाय season और समस्या बताएँ।
- विभाग भुगतान भेजे जाने की पुष्टि करे तो बैंक transaction/statement से वास्तविक credit मिलाएँ। केवल आवेदन संख्या या पंचायत में नाम देखकर पैसा जमा मानना ठीक नहीं है।
- सुधार या दस्तावेज लंबित बताए जाएँ तो उसका exact कारण और संबंधित season का तरीका लें। अपने-आप नया duplicate आवेदन न बनाएँ।
यहाँ कोई तय 48 घंटे, 15 दिन या महीने की payment guarantee नहीं दी जा सकती। धान खरीद के FAQ में लिखी समय-सीमा crop-assistance application की समय-सीमा नहीं है। नुकसान आकलन, दस्तावेज और भुगतान अलग प्रशासनिक पड़ाव हैं।
सही मदद किससे माँगें
ई-सहकारी के वर्तमान MIS homepage पर 0612-2200693 और 1800 3454 110 helpline दिखाई गई हैं। सवाल में अपना scheme, season/year और अटकने वाला चरण स्पष्ट रखें। किसी नए रबी/खरीफ programme या PMFBY insurance की जानकारी मिले तो उसकी अलग official notice और application पहचानें; इस राज्य सहायता की पावती को अपने-आप दूसरी insurance policy न मानें।
Portal पर शिकायत दर्ज करने और शिकायत की स्थिति देखने के अलग links हैं। शिकायत विवरणी में शिकायत संख्या माँगी जाती है, किसान registration number नहीं। पहले से शिकायत है तो उसका reference सुरक्षित रखकर उसी का follow-up करें।
इस guide में नई रबी 2026–27/2027 registration window, वर्तमान season का पूरा दस्तावेज cutoff या हर नए cohort के लिए payment-status screen सत्यापित नहीं मिला है। अपने नए मामले के लिए लागू departmental instruction लें; पुराना visible link अकेला पर्याप्त प्रमाण नहीं है।
आधिकारिक स्रोत
- ई-सहकारी MIS — वर्तमान season labels, application notice, किसान कार्नर और helpline।
- भारत सरकार का BRFSY overview — सहायता की प्रकाशित गणना और किसान श्रेणियाँ; पुराने operational links/document dates को नया नियम न मानें।
- योग्य ग्राम पंचायत lookup और ऊपर जुड़े दोनों payment routes — संबंधित task और उपलब्ध seasons की पहचान।
सभी public screens और उपलब्ध विकल्प 4 नवंबर 2026 को जाँचे गए। Captures में किसी किसान की पहचान, आवेदन, बैंक खाता या व्यक्तिगत परिणाम दर्ज नहीं किया गया है।
